भाजपा की ग्रह दशा ख़राब, करनी होगी ज्यादा मेहनत 

 भले ही दिल्ली में कोई बड़ा उलटफेर इस बार नहीं हुआ लेकिन दिल्ली में शनि देव के 8 अंक का प्रभाव ऐसा कुछ रहा कि दोनों पार्टियों को 8 अंक ही प्राप्त हुए। 62 (6 +2) आप को और 8 बीजेपी को मिले। यही नहीं मतदान प्रतिसत 62% में, आप को 53% (5 +3) व् बीजेपी को 38. 51% (3 +8 +5 +1 =17) में भी 8 अंक छाया रहा।  आप को 4,974,522, बीजेपी को 3,575,430 व् कांग्रेस को सिर्फ 395924 वोट्स मिले.

8 अंक शनि देव का है। जैसा  मैंने कहा था इस चुनावों पर शनि ही भारी रहा।  शनि देव बहुत मेहनत कराते है।  और जो अपने लक्ष्य पर खूब पसीना बहता उसे शनि हारने नहीं देते। 7 भाग्यांक वाले अरविदं केजीवाल की पार्टी पिछले एक शाल से खूब मेहनत करते दिखे जिसका पुरस्कार जनता ने उन्हें  7वी  विधान सभा में भी  प्रचंड जीत (70 में से 62) के रूप में दे दिया है   


वही बीजेपी का जुलाई 2019 से ख़राब समय चल रहा है।  उनकी कुंडली में चंद्र महादशा (फेब 2018 से) में राहु की अंतर दशा 19 जुलाई 2019 से 19 जनवरी 2021 तक चल रही है जो अनुकूल नहीं है..चंद्र बीजेपी की कुंडली में (छटवे भाव जो विमारियों व् शत्रुओ का है) बृश्चिक राशि में नीच का है और पार्टी इस दौरान अपने कई दिग्गज नेता (मनोहर परिकर , सुषमा स्वराज ,अरुण जेटली) गंभीर बीमारियों के कारण खो चुकी है और लगभग सारे चुनावों  में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पायी है। जिनमे राजस्थान,मध्यप्रदेश , छत्तीसगढ़, झारखण्ड, हरयाणा, महाराष्ट्र व् दिल्ली की  विधान सभा इलेक्शन हुए  जिसमे बीजेपी सिर्फ  हरयाणा बचाने में सफल रही.

5 May 1954 को जन्मे मनोहर लाल खट्टर बहुमत न मिलने पर भी अपनी 10वे सीऍम की कुर्सी आसानी से बचाने में कामयाब रहे।  वजह इनके भाग्याँक  कुंडली मेंबुध व् मंगल ग्रहो का मजबूत होना है.  

वही 22 July 1970 को जन्मे देवेंद्र फडनविस अपने गठबंधन को पूर्ण बहुमत से जीत दिलाने के बावजूद अपनी दूसरी सरकार नहीं बना सके।  इनके भाग्यांक 4 और 1 अंक है।  इनकी कुंडली में 5 नवंबर 2019 से बुद्ध महादशा में शनि का अंतर  चल रहा है।  शनि इनकी कुंडली में नीच स्थान में बहुत ही कमजोर है और परिणाम स्वरुप इन्हे जीत के बाबजूद 27 जुलाई 1960  को जन्मे को जन्मे  उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस के समर्थन से सीऍम की कुर्शी उनसे छीन ली।  

अंको के गणित से उद्धव ठाकरे का भाग्यांक  5 है और इसी लिए 14वे (1 +४ =5 ) महाराष्ट्र विधान सभा में 19वे सीऍम बन गए।  5 नंबर के अधिपति बुद्ध कुंडली के दशम भाव में राजयोग दे रहे है।  बुद्ध के मित्र राहु इनकी कुंडली में दसम भाव में गोचर कर रहे है और महा दसा भी राहु की चल रही है जो अचानक राजनीति में भाग्योदय कराती है।  5 नवंबर 2019 को गुरु ग्रह अपनी राशि धनु में गोचर कर रहे है जो उद्धव ठाकरे की जन्म कुंडली में भी यही पंचम भाव में थे और इस गोचर में उन्हें राजयोग प्राप्त हो गया।   

अब यहाँ से राहु का गोचर इनके लिए अप्रैल 2022 तक अनुकूल है।  उसके बाद राहु अपनी नीच राशि में इनकी कुंडली में आठवे भाव में गोचर करेगा जो इनके लिए अचानक परेशानिया खड़ी कर सकता है.  मेरा मानना है राहु ग्रह की राक्षस, ब्रह्मधर्म विरोधी और छल प्रयोग प्रवृत्ति जिस कारण उन्होंने अपनी महत्वकांशा और जिद के चलते अपने पिता और पार्टी की विचारधारा के खिलाप जाते हुये अपनी पारम्परिक विरोधी पार्टियों से मिलकर  बीजेपी से सत्ता  छीन ली जो उनकी राहु महा दसा  और गोचर  से साफ़ दिखाई दे  रहा है जो इनके लिये आगे चलकर अनुकूल नहीं रहेगा।   
 
लेकिन यह सब ग्रहो और भाग्य का खेल है 

बीजेपी को इस दौरान राहु के छल (उद्धव ठाकरे,सरद पवार ने धोखा दिया), और इन्हे भ्रम व् अति आत्म विश्वास जैसे नकारात्मक प्रभाव से बचना होगा और अपनी खोई हुई  सियासी जमीन  को पाने के लिए दोगुनी मेहनत करनी होगी।  

गोविंदं आ. प्रे राणा , ज्योतिष व् अंक  शास्त्र विशेषज्ञ   








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